ॐ श्रीगणेशाय नमः

।। ॐ श्रीगणेशाय नमः ।।

वक्रतुण्ड महाकाय कोटिसूर्य समप्रभ !
निर्विघ्नं कुरु देव ! सर्वकार्येषु सर्वदा ।।

हे प्रथम पूज्य देवता !
ऐसी कृपा करें कि हमारे समस्त सत्कार्य सदैव निर्विघ्न पूर्णतः सिद्ध हों ।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः

।। ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः ।।

शारदा शारदाम्भोजवदना वदनाम्बुजे ।
सर्वदा सर्वदास्माकं सन्निधिम् सन्निधिम् क्रियात् ।।

हे बुद्धि व विद्यादायिनी देवी! हम आर्यावर्तवासियों को सद्बुद्धि प्रदान कर
जिससे हम अपने गौरवशाली अतीत को भलिभाँति जानकर उसे पुनर्स्थापित करने हेतु सन्नद्ध हों।
ॐ श्रीआर्यावर्ताय नमः

।। ॐ श्रीआर्यावर्ताय नमः ।।

हम देख रहे हैं आर्यावर्त का 13 शताब्दी पूर्व का मानचित्र,
आज यह इतना सिकुड़ कर जो रह गया है वह भी आज सङ्कट में है।

हम अब भी यदि नहीं जागे तो भविष्य क्या होगा ?